SIR-2026 में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. बी.डी.आर. तिवारी

शिलांग। मेघालय में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)- 2026 को लेकर शिलांग के पाइनवुड होटल में मीडिया ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस दौरान मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.डी.आर. तिवारी, IAS ने मीडिया प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, प्रगति और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। डॉ. तिवारी ने बताया कि SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र नामों को सूची में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी का नाम मतदाता सूची से हटाना इस प्रक्रिया का लक्ष्य नहीं है। पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों, दस्तावेजों और सुनवाई के अवसर के साथ पारदर्शी तरीके से पूरी की जा रही है। मेघालय में SIR के तहत घर-घर जाकर सत्यापन और मतदाता विवरण की जांच की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है।उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में 21,69,243 मतदाता हैं। जिन मतदाताओं के पुराने रिकॉर्ड से मिलान में अंतर या अन्य विसंगतियां मिली हैं, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। 15 सितंबर तक 6,51,735 नोटिस तैयार किए गए थे, जिनमें से 6,46,397 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं और 5,36,468 मामलों में सुनवाई हो चुकी थी।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान स्थानांतरित मतदाताओं, रिकॉर्ड में अंतर तथा अन्य विसंगतियों की भी जांच की जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 4,28,858 मतदाताओं के मामलों में मैपिंग संबंधी विसंगतियां और 2,22,786 मामले ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में चिन्हित किए गए थे। 
उन्होंने कहा कि मेघालय में पारंपरिक संस्थाओं और स्थानीय समुदायों की भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में करीब 7,000 पारंपरिक ग्राम परिषदों/स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से भी लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। मतदाता सूची में एक व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर नहीं हो सकता। यदि किसी मतदाता को अपना नाम हटाए जाने या किसी अन्य आपत्ति से संबंधित शिकायत है, तो निर्धारित समय-सीमा में दावा, आपत्ति अथवा अपील प्रस्तुत करने का अधिकार है। डॉ. तिवारी ने कहा कि SIR में पारदर्शिता सुनिश्चित करना निर्वाचन विभाग की जिम्मेदारी है। प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर पर निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पात्र मतदाता को उचित अवसर से वंचित न किया जाए। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार नोटिस मिलना अपने आप में नाम हटने का अर्थ नहीं है; संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मेघालय की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। राज्य में खासी, गारो और जयंतिया सहित विभिन्न समुदाय निवास करते हैं तथा पारंपरिक स्थानीय संस्थाएं सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में SIR की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सहभागिता को भी महत्व दिया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचें तथा किसी भी प्रकार की विसंगति होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करें। मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित ड्राफ्ट मतदाता सूची, दावे-आपत्तियों और अन्य जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है तथा पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।






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