
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर निर्माण कार्यों एवं चढ़ावा प्रकरण की जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले में गठित एसआईटी की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे के भीतर तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित कर दी। सरकार ने एसआईटी से एक सप्ताह में प्रारंभिक तथा 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच समिति की संस्तुतियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए मंदिर के चारों ओर लगभग चार किलोमीटर लंबी आधुनिक बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही 25 वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं। बाउंड्री वॉल और वॉच टावर निर्माण का कार्य इंजिनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर की फसाड लाइटिंग का कार्य अंतिम चरण में है और 15 अगस्त तक इसके शुरू होने की उम्मीद है। वहीं राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है। संग्रहालय के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान राम के जीवन और रामायण काल की महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी आधुनिक तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।
राम मंदिर दान राशि प्रकरण में दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई : विनय कटियार
अयोध्या। राम मंदिर दान राशि के कथित गबन मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिए हैं और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी राम मंदिर आंदोलन के लिए बड़ा त्याग किया था। कटियार ने दावा किया कि जांच पूरी होने पर दोषी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकेंगे







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