सिलेंडर चाहिए तो पाइप भी खरीदो! अमेठी में गैस उपभोक्ताओं का आरोप—पाइप न लेने पर अभद्रता, रोका जा रहा वितरण”

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अमेठी में गैस उपभोक्ताओं का हंगामा, सिलेंडर के साथ पाइप लेने की जबरदस्ती का आरोप

“आपूर्ति निरीक्षक शुभम से इस मामले पर पूछने पर कहा कि मैं शशांक गैस सर्विस से इस बारे बात करता हूँ ll”

अमेठी। कस्बे के रामलीला मैदान में संचालित गैस वितरण केंद्र पर एलपीजी उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर लेने पहुंचे लोगों को सिलेंडर के साथ गैस पाइप खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि पाइप लेने से मना करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्रता की जा रही है और कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने से भी इंकार कर दिया जा रहा है।

उपभोक्ताओं के अनुसार, उनके घरों में पहले से ही मानक और सुरक्षित पाइप उपलब्ध हैं, इसके बावजूद नई पाइप खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर एक आवश्यक सेवा है और उसके साथ किसी अन्य सामान की बिक्री को अनिवार्य बनाना नियमों के खिलाफ है। इसके बावजूद वितरण स्थल पर उपभोक्ताओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

रामलीला मैदान में सिलेंडर लेने पहुंचे कई लोगों ने बताया कि जब उन्होंने अतिरिक्त पाइप लेने से मना किया तो कर्मचारियों का व्यवहार बदल गया। कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनसे ऊंची आवाज में बात की गई और सिलेंडर वितरण रोकने की धमकी तक दी गई। इससे मौके पर काफी देर तक बहस और नाराजगी का माहौल बना रहा।

उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसी या वितरण कर्मियों का काम केवल निर्धारित नियमों के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है। यदि सुरक्षा के नाम पर कोई सामग्री लेने की सलाह दी जाती है तो वह उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए, लेकिन उसे अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता। लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा का हवाला देकर अतिरिक्त सामान की बिक्री की जा रही है।

मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि यह व्यवस्था जारी रही तो आम लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा और उपभोक्ता अधिकारों का भी उल्लंघन होगा।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग उपभोक्ताओं की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

अमेठी से अशोक श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट

Ashok Srivastav
Author: Ashok Srivastav

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