रत्नेश उपाध्याय अम्बेडकरनगर ।
अम्बेडकरनगर महिला थाने में न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं को अक्सर निराशा का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन दर्जनों महिलाएं घरेलू हिंसा, उत्पीड़न व अन्य समस्याओं को लेकर थाने पहुंचती हैं, लेकिन वहां तैनात अधिकारी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते।बताया गया कि महिला थाने पर न केवल उनकी समस्याओं की अनदेखी करते हैं, बल्कि व्यवहार में संवेदनशीलता की भी कमी देखने को मिलती है, जिससे पहले से ही मानसिक पीड़ा झेल रहीं महिलाएं और अधिक तनावग्रस्त हो जाती हैं। सूत्रों ने बताया कि यदि ऐसे हालात बने रहे, तो महिलाएं न्याय पाने के लिए थाने जाने से भी कतराने लगेंगी। जिम्मेदारों से मांग है कि महिला थाने में तैनात कर्मियों को संवेदनशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का निर्देश दिया जाए, ताकि पीड़ितों को उचित न्याय मिल सके।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper






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