ग्राम पंचायत करौंदी में जो 50 साल में नहीं हुआ, वह 5 साल में कर दिखाया! अमेठी की इस ग्राम पंचायत ने विकास की लिख दी नई इबारत

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अशोक श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट

अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के विकासखंड संग्रामपुर की ग्राम पंचायत करौंदी आज ग्रामीण विकास का ऐसा मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। गांव की बदली तस्वीर देखकर पहली नजर में यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि कुछ वर्ष पहले तक यह पंचायत भी सामान्य गांवों की तरह बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही थी।

आज करौंदी की पहचान चौड़ी और सुगम सड़कों, मजबूत रिंग रोड, पक्की नालियों, इंटरलॉकिंग गलियों, बेहतर विद्युत व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण हो रही है। गांव में प्रवेश करते ही विकास की झलक साफ दिखाई देती है। रिंग रोड के कारण एक छोर से आने वाला व्यक्ति बिना किसी बाधा के दूसरे छोर तक पहुंच जाता है। लगभग हर घर के सामने इंटरलॉकिंग सड़क बिछी हुई है और जल निकासी के लिए व्यवस्थित नालियों का निर्माण कराया गया है।

गांव के पात्र लोगों को विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखी गई और बिना कमीशन तथा बिना भ्रष्टाचार के योजनाओं को धरातल पर उतारा गया।

इस बदलाव का श्रेय ग्राम प्रधान सीमा यादव और उनके प्रतिनिधि हरिशंकर यादव को दिया जा रहा है। आर.आर.पी.जी. कॉलेज, अमेठी से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त हरिशंकर यादव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बीडीसी सदस्य के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने गांव के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया। वर्ष 2020 में सीमा यादव के ग्राम प्रधान बनने के बाद दोनों ने मिलकर पंचायत के विकास की ऐसी रूपरेखा तैयार की, जिसने करौंदी की तस्वीर और तकदीर बदल दी। इतना ही नहीं, हर साल होली और दीपावली में पूरी ग्राम पंचायत के सभी घरों को बिना किसी भेदभाव के अपनी तरफ से छोटा मोटा उपहार भी प्रदान करते आ रहे हैं जो अपने आप में भी एक मिसाल कायम कर चुके हैं।

ग्रामीण बताते हैं कि पिछले लगभग 50 वर्षों में जिस स्तर का विकास गांव नहीं देख पाया था, वह पिछले पांच वर्षों में तेजी से हुआ है। आज करौंदी का स्वरूप किसी छोटे कस्बे से कम नहीं दिखाई देता। गांव की सड़कें, गलियां, सार्वजनिक सुविधाएं और योजनाओं का लाभ यह बताने के लिए काफी हैं कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो विकास केवल वादों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि धरातल पर भी दिखाई देता है।

ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को सफल बनाने में पंचायत सचिव, खंड विकास अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारियों के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय ने करौंदी को जिले की उन ग्राम पंचायतों में शामिल कर दिया है, जिन्हें ग्रामीण विकास के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

यदि गांव में विकास देखना है, तो एक बार संग्रामपुर की ग्राम पंचायत करौंदी जरूर आइए। यहां विकास केवल दावों में नहीं, बल्कि हर सड़क, हर गली और हर घर के सामने दिखाई देता है।

Ashok Srivastav
Author: Ashok Srivastav

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