सहारा जीवन न्यूज़

अमेठी। जनपद में पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। मनरेगा योजना के अंतर्गत जनपद के प्रत्येक विकास खंड के पांच-पांच गांवों में ग्राम वन विकसित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जनपद की कुल 65 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है।
यह जानकारी उपायुक्त श्रम रोजगार
शेर बहादुर ने देते हुए बताया कि प्रत्येक ग्राम वन में 250 पौधे लगाए जाएंगे। इस प्रकार पूरे जनपद में लगभग 16,250 पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधरोपण के लिए सहिजन, बेर और आंवला जैसी उपयोगी एवं पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों का चयन किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम वन में केवल एक ही प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि उनकी देखभाल, सिंचाई और संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सके। एक ही प्रजाति होने से पौधों की वृद्धि और प्रबंधन भी अधिक प्रभावी रहेगा।
उन्होंने ने बताया कि ग्राम वन विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता का संरक्षण होगा तथा आने वाले वर्षों में ग्रामीणों को फलदार एवं उपयोगी वृक्षों का लाभ भी मिलेगा। इसके साथ ही पौधरोपण, सुरक्षा और रखरखाव के कार्यों के माध्यम से मनरेगा के तहत स्थानीय श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद पौधों की नियमित निगरानी और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पौधे जीवित रह सकें और ग्राम वन अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायतों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।







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