अमेठी में स्वास्थ्य सेवाओं का 12 वर्षों में व्यापक विस्तार, लाखों लोगों को मिला लाभ

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अमेठी। विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य के तहत जनपद अमेठी में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक 6.28 लाख से अधिक लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं तथा 56 हजार से अधिक मरीजों का लगभग 94.20 करोड़ रुपये की लागत से निःशुल्क उपचार किया गया है। जिला अस्पताल गौरीगंज में कूल्हा एवं घुटना प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जनपद में 12 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और एक जिला अस्पताल में सस्ती दवाएं उपलब्ध हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत पिछले 12 वर्षों में 3.38 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। वहीं जनवरी 2019 से अब तक 91 हजार से अधिक लोगों को सीटी स्कैन और अक्टूबर 2020 से 27 हजार से अधिक मरीजों को डायलिसिस सुविधा का लाभ मिला है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 1.26 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया है, जबकि टीकाकरण अभियान में 5.57 लाख से अधिक बच्चों को पूर्ण टीकाकरण से आच्छादित किया गया। अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत 92 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए तथा हजारों बच्चों और बुजुर्गों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में 203 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां गैर संचारी रोगों, टीबी और कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग एवं उपचार की व्यवस्था है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों और जांच सुविधाओं से मरीजों की पहचान और उपचार को गति मिली है।
स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। लगभग 893 लाख रुपये की लागत से ड्रग वेयरहाउस, जगदीशपुर में ट्रॉमा सेंटर, गौरीगंज जिला अस्पताल में अतिरिक्त वार्ड, विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर अतिरिक्त बेड, आईपीएचएल लैब, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा अन्य स्वास्थ्य भवनों का निर्माण कराया गया है। तिलोई में 100 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज भी निर्माणाधीन है।
इसके अलावा जिला अस्पताल और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) की स्थापना से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। इससे कम वजन वाले नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल संभव हो सकी है तथा जिला अस्पतालों पर रेफरल का दबाव भी कम हुआ है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और तकनीकी संसाधनों के उपयोग से अमेठी में चिकित्सा सुविधाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ और प्रभावी हुई हैं, जिससे जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

Sahara Jeevan
Author: Sahara Jeevan

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