” हर हर महादेव के उद्घोष से गूंजा बाबा धाम ”
भगवान शिव को अति प्रिय श्रावण मास के प्रथम दिन सूरज की किरणें धरती पर आने के साथ नमामि गंगे ने योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों के साथ शिव-शक्ति की अराधना में गंगा द्वार से श्री काशी विश्वनाथ धाम तक शिवार्चन किया। सनातन संस्कृति का प्रतीक बाबा विश्वनाथ का दरबार हरहर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। भगवान शिव की कृपा से देश की सुख, शांति, समृद्धि की कामना से शिव पंचाक्षर मंत्र ‘नमः शिवाय’ , शिव सहस्त्र नाम, द्वादश ज्योतिर्लिंग व ‘हर हर महादेव शम्भू काशी विश्वनाथ गंगे’ का जाप हुआ। हर हर गंगे- नमामि गंगे के जयकारे के बीच गंगा किनारे गंदगी न करने का आवाह्न किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि हमारे वेदों में मान्यता है कि भगवान शिव संसार के समस्त मंगल के मूल हैं। यजुर्वेद में परमात्मा को ‘शिव’, ‘शंभु’ और ‘शंकर’ नाम से नमन किया गया है। ‘शिव‘ कल्याणकारी हैं, ‘शंभु’ का भावार्थ मंगलदायक है , ‘शंकर’ का तात्पर्य है ‘आनंद का स्रोत’। शिव-तत्व को जीवन में उतार लेना ही शिवत्व प्राप्त करना है और यही शिव होना है। हमारा लक्ष्य भी यही होना चाहिए। तभी शिवार्चन सफल होगा । आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजिका सारिका गुप्ता, महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव, सीमांत केशरी स्वाईं, वेदपाठी बटुक व श्रद्धालु शामिल रहे ।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper







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