ताला बंद घरों क़ी दिन में करते थे रेकी, पडोसी बच्चों से पूछते थे—घर वाले कहां गए हैं, कब गए हैं और कब लौटेंगे? फिर रात में करते थे चोरी

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अमेठी में चोरी के एक ऐसे गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है, जिसकी चोरी करने की तरकीब जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। गैंग के सदस्य दिन में गांव-मोहल्लों में घूमकर बंद दरवाजों वाले मकानों की तलाश करते थे। इसके बाद आसपास खेल रहे छोटे बच्चों से बेहद सामान्य अंदाज में पूछताछ कर घर के लोगों की पूरी जानकारी जुटाते थे।

पूछते थे—घर वाले कहां गए हैं, कब गए हैं और कब लौटेंगे?

बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर शातिर चोर तय करते थे कि कौन सा मकान उनके लिए आसान निशाना है। इसके बाद रात का इंतजार किया जाता था। मौका मिलते ही खिड़की तोड़कर या छत के रास्ते मकान में दाखिल होते और जेवरात, नकदी और घरेलू सामान समेटकर फरार हो जाते थे।

खास बात यह थी कि गैंग ने अपनी रेकी में एक किशोर को भी शामिल कर रखा था। बताया जा रहा है कि रेकी के दौरान वह आसपास के बच्चों से घुल-मिलकर मकान और उसके परिवार से जुड़ी जानकारी हासिल करता था। इसके बाद उसी जानकारी के आधार पर चोरी की रणनीति तैयार की जाती थी।

मुखबिर की सूचना पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैभव तिवारी पुत्र करुणा शंकर तिवारी और दुलारे खान पुत्र मोहम्मद गुफरान, दोनों निवासी असैदापुर वार्ड नंबर 15, थाना गौरीगंज, अमेठी के रूप में हुई है। तीसरे किशोर को नियमानुसार निगरानी में लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने गौरीगंज के मोहल्ला माधवपुर, जेठू मवई के पूरे पराग तिवारी और गौरीगंज के पूरे अहिरन माधवपुर इलाके में अलग-अलग मकानों में चोरी करने की बात कबूल की है।

इन घटनाओं में मकानों से जेवरात, घरेलू बर्तन और नकदी चोरी की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब पांच लाख रुपये कीमत के जेवरात व घरेलू सामान और 18,100 रुपये नकद बरामद किए हैं।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने और कितने मकानों को अपना निशाना बनाया था।

Ashok Srivastav
Author: Ashok Srivastav

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