— सहारा जीवन न्यूज़, महोबा
महोबा, पनवाड़ी: पनवाड़ी विकासखंड अंतर्गत इटौरा बुजुर्ग गांव के ग्रामीण इन दिनों भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली संकट से जूझ रहे हैं। गांव में लगा विद्युत ट्रांसफार्मर (डीपी) कई दिनों से खराब पड़ा हुआ है, जिसके चलते क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या तो प्रभावित हो ही रही है, रातों की नींद भी हराम हो चुकी है।
विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने बिजली विभाग से डीपी मरम्मत या नई डीपी की मांग की, तो विभागीय कर्मचारियों ने कथित रूप से ₹3000 की डिमांड कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पैसे दिए यहां कोई काम नहीं किया जाता, जिससे क्षेत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों की आवाज
इस मनमानी और घूसखोरी के खिलाफ अब ग्रामीणों ने आवाज़ बुलंद करनी शुरू कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पनवाड़ी विद्युत विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार आम जनता की समस्याओं को और भी गंभीर बना रहा है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की है कि जल्द से जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदला जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
क्या अब जागेगा विद्युत विभाग?
सवाल यह है कि आखिर पनवाड़ी विद्युत विभाग में फैला यह भ्रष्टाचार कब खत्म होगा? कब तक ग्रामीण पैसे देकर अपने अधिकार की बिजली खरीदने को मजबूर रहेंगे?
ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—बिजली चाहिए, रिश्वत नहीं।
Author: Harshit Shrivastav
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