गिरिडीह, झारखंड | सहारा जीवन न्यूज़ | संजय लाल
भाकपा (माले) की जिला कमिटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव से मुलाकात कर जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार, आदिवासी अधिकार, वन विभाग की मनमानी और विकास योजनाओं में गड़बड़ियों को लेकर 6 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
प्रमुख मांगें:
1. आदिवासियों को वन पट्टा देने की मांग:
जंगल क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समुदाय को जमीन का कानूनी हक देने के लिए वन अधिकार पट्टा उपलब्ध कराया जाए।
2. खेतको क्षेत्र में वन विभाग की ज्यादती पर कार्रवाई:
दोषी वन विभाग कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
3. संजय दास हत्याकांड में न्याय:
ताराटांड़ क्षेत्र के संजय दास के हत्यारों की गिरफ्तारी हो और उनके परिवार को मुआवजा, साथ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
4. मनरेगा में भ्रष्टाचार की जांच:
प्रखंड स्तर पर BDO और CO की भूमिका की जांच हो, जो मनरेगा स्वीकृति में कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
5. भूमि से जुड़े फर्जीवाड़े पर कार्रवाई:
दाखिल-खारिज, रसीद कटवाने और रजिस्ट्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
6. तीन माह का राशन एक साथ वितरण:
गरीबों को तीन महीने का राशन एक बार में दिया जाए और यह कार्य पंचायत प्रतिनिधियों की निगरानी में हो।
उपायुक्त ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि जिन मुद्दों की जांच जरूरी है, वहां वे खुद मौके पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि वन विभाग की कार्यशैली में गड़बड़ी पाई जाती है तो व्यक्तिगत स्तर पर जांच की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग:
अशोक पासवान – जिला सचिव, भाकपा (माले)
राजकुमार यादव – पूर्व विधायक, राजधनवार
पूरण महतो – किसान महासभा नेता
राजेश सिन्हा, सकलदेव यादव, नागेश्वर महतो – माले जिला कमिटी सदस्य
माले का ऐलान: सरकारी विभागों की गड़बड़ियों का होगा पर्दाफाश
जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि आने वाले दिनों में माले पार्टी खाद्य आपूर्ति विभाग, डीटीओ, पीडब्लूडी, अंचल कार्यालय, मत्स्य विभाग और अन्य सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करेगी। राजेश सिन्हा ने कहा कि जिले में प्रशासनिक मनमानी पर लगाम जरूरी है और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





