राजनीतिक दबाव में दबा न्याय: दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज नहीं कर रही सीतापुर पुलिस

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थाना सदरपुर में दलित परिवार के साथ मारपीट, जातिसूचक गालियों और धमकी की शिकायत — लेकिन FIR दर्ज नहीं

सहारा जीवन न्यूज़ | विकास भारती / उत्तम शर्मा सीतापुर (सदरपुर)।   उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में इन दिनों पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लग रहे हैं। एक दलित परिवार के साथ हुई मारपीट और जातिगत अपमान की घटना पर आज तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस राजनेताओं के दबाव में चुप्पी साधे बैठी है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम नदिया कहिमारा कला मजरा अहमदाबाद निवासी मनोहर पुत्र महंगे ने थाना सदरपुर के प्रभारी को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि दिनांक 4 जून को शाम करीब 4 बजे, उसकी बकरी विपक्षी सहजराम पुत्र रामासरे के खेत में चली गई थी। जब वह बकरी पकड़ने गया, तो सहजराम ने उसे जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित ने समझाने की कोशिश की कि खेत में पिपरमिंट लगी है जिसे बकरियां खाती नहीं, लेकिन सहजराम ने अन्य आरोपियों — अतुल पुत्र कमलेश, राजेंद्र पुत्र झब्बू लाल, राम सिंह पुत्र भगवानदीन और अपनी पत्नी को बुला लिया। इन सभी ने मिलकर मनोहर, उसकी पुत्री रामदेवी, और दामाद पर हमला कर दिया।

पुत्री के साथ बदसलूकी, कपड़े फाड़े, सिर पर लाठी मारी

घटना के दौरान आरोपी अतुल ने मनोहर की पुत्री के साथ अश्लील व्यवहार किया, कपड़े फाड़े और लाठी से सिर पर वार कर दिया। इससे उसकी पुत्री को गंभीर चोटें आईं। सभी आरोपियों ने मिलकर जान से मारने और गांव छोड़ देने की धमकी भी दी।

थाने से लेकर SP ऑफिस तक चक्कर, लेकिन FIR नहीं

मनोहर ने घटना के तुरंत बाद थाना सदरपुर पहुंचकर रिपोर्ट लिखवाने की कोशिश की। वहां पहले तो समझौते का दबाव बनाया गया, और जब पीड़ित ने इनकार किया तो उसे कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, स्थानीय राजनेताओं के दबाव में पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है। पीड़ित पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक गुहार लगा चुका है, लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हो रही।

प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल — क्या दलितों को मिलेगा न्याय?

अब सवाल उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न के मामलों में भी राजनीतिक हस्तक्षेप न्याय के रास्ते में बाधा बनता रहेगा? पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है और उम्मीद जताई है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा।

👉 यदि आपके साथ भी कोई अन्याय हुआ है या आपके पास कोई खबर है, तो हमसे संपर्क करें 7275258705

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Harshit Shrivastav
Author: Harshit Shrivastav

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