पनवाड़ी (महोबा),अभिनय सिंह चंदेल
पनवाड़ी कस्बे में इन दिनों 1 और 2 रुपए के सिक्कों को लेकर विवाद तेजी से बढ़ता जा रहा है। कस्बे के कई दुकानदारों ने इन सिक्कों को लेना पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे आम जनता, खासकर गरीब वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दुकानदार इन सिक्कों को “नकली” या “अमान्य” बताकर लेने से मना कर रहे हैं। इसके चलते कई बार ग्राहकों और दुकानदारों के बीच बहस और झगड़े की नौबत आ रही है।
वहीं दुकानदारों का कहना है कि इन सिक्कों को बाजार में खपाना मुश्किल होता जा रहा है। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमारे पास 1 और 2 रुपए के सिक्कों का ढेर लग गया है। बैंक भी इन्हें थोक में लेने से इनकार कर देता है, जिससे हमें भारी दिक्कत होती है।”
हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, 1 और 2 रुपए के सिक्के पूरी तरह से वैध मुद्रा (Legal Tender) हैं, और किसी भी व्यक्ति या व्यापारी द्वारा इन्हें लेने से इनकार करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
प्रशासन बना है मूकदर्शक
इस गंभीर समस्या पर प्रशासन की चुप्पी चिंता का विषय बन चुकी है। आम लोगों ने स्थानीय प्रशासन और बैंक अधिकारियों से अपील की है कि वे हस्तक्षेप कर इस स्थिति का समाधान निकालें और दोषी दुकानदारों पर उचित कार्रवाई करें।
क्या कहता है नियम?
RBI के नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या संस्था वैध सिक्कों को लेने से मना करती है, तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
Author: Harshit Shrivastav
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