कुलपहाड़, महोबा: 
नगर के प्रसिद्ध मां बाघबिराजन धाम मंदिर प्रांगण में चल रहे शतचंडी महायज्ञ एवं 18 पुराण संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में भक्तिभाव की गंगा प्रवाहित हो रही है। कथा व्यास पंडित श्री कृष्णा जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य का गूढ़ वर्णन करते हुए कहा कि जब नारद जी ने सनत कुमारों से प्रश्न पूछे, तब उन्होंने नारद जी को भागवत महापुराण की दिव्य कथा श्रवण कराई। उन्होंने धुंधकारी-गोकर्ण उपाख्यान के माध्यम से समझाया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से घोर से घोर पापी भी अपने पापों से मुक्त हो जाते हैं। सनत कुमारों ने कहा, “मानव चाहे जीवन भर पाप करता रहे, यदि उसके नाम से भी श्रीमद्भागवत कथा श्रवण कर दी जाए तो उसे भी मुक्ति प्राप्त हो सकती है।” गोकर्ण द्वारा कथा श्रवण से धुंधकारी की मुक्ति इसका प्रमाण है। कथा व्यास पंडित कृष्णा जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की विधि, एक आदर्श वक्ता और स्रोता के गुणों का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म एवं उनके चरित्र की कथा सुनाई। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा भीष्म पितामह को दर्शन देकर उद्धार करने की कथा का भी भक्तजन रसपूर्वक श्रवण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए कोई भी सीमा लांघ सकते हैं, उनका मान कभी नहीं टलने देते।” कार्यक्रम में प्रतिदिन प्रातः काल से पीतांबरा मां मंदिर के पुजारी पंडित नरेंद्र जी महाराज की देखरेख में यज्ञाचार्य अवध बिहारी तिवारी सहित विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन संपन्न कराया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन के श्रीमद्भागवत कथा के यजमान हैं अवधेश सोनी (ठेकेदार) सपत्नीक श्रीमती अंजू सोनी, और शतचंडी महायज्ञ के यजमान हैं सुनील मिश्रा सपत्नीक श्रीमती शिवांगी मिश्रा, जो 18 पुराणों के यजमानों संग विधिवत पूजन अर्चन एवं आरती में भाग ले रहे हैं। उन्होंने नगर, राष्ट्र एवं समाज के सभी लोगों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस पुण्य अवसर पर श्रद्धालुजनों की भारी भीड़ उमड़ रही है और समस्त नगर भक्ति-भाव में सराबोर हो रहा है।
– अभिनय सिंह
Author: Harshit Shrivastav
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