महोबा।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार जिला मुख्यालय पर विधिक साक्षरता शिविर एवं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर जिला जज व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री तेन्द्र पाल ने की। इस अवसर पर पराविधिक स्वयंसेवकों, नामित अधिवक्ताओं तथा लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम के प्रमुख श्री रामअवतार सिंह, डिप्टी श्री रामनरेश यादव, असिस्टेंट श्री हरेन्द्र मिश्रा व श्री योगेन्द्र सिंह की उपस्थिति रही। बैठक के पश्चात विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष सरिता वाधवानी समेत कई कर्मचारी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। सचिव श्री तेन्द्र पाल ने बच्चों के संरक्षण, आधार एनरोलमेंट, विधिक सहायता तथा चाइल्ड मैरिज जैसे गंभीर विषयों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि भारत में बच्चों की एक-तिहाई आबादी किसी न किसी रूप में बाल विवाह से प्रभावित है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। इसे रोकने के लिए समाज का जागरूक होना अनिवार्य है। इस दिशा में सक्षम अधिकारियों व सदस्यगणों की विशेष यूनिट बनाई जा रही है, जो ऐसे मामलों की पहचान कर उचित समाधान सुनिश्चित करेगी। सचिव द्वारा पराविधिक स्वयंसेवकों को कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा किए गए कार्यों का समुचित रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाए तथा प्रारूप भरकर संबंधित थानाध्यक्ष से सत्यापन कराया जाए। बैठक में उपस्थित स्वयंसेवकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु प्रेरित किया गया ताकि विधिक सहायता की सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें। स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष श्रीमती सरिता वाधवानी ने बताया कि बीमा, बिजली, पानी, जमीन आदि से संबंधित विवादों का निस्तारण आपसी समझौते एवं गुण-दोष के आधार पर किया जाता है। उन्होंने लोक अदालत के अंतर्गत आने वाले विषयों की भी विस्तृत जानकारी दी।
– अभिनय सिंह
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





