बच्चों के जन्मदिन भारतीय सनातन संस्कृति एवं परंपराओं के अनुरूप मनाए जाने चाहिए-स्वामी चक्रपाणि जी महाराज

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सहारा जीवन न्यूज

नई दिल्ली।वसु श्रीवास्तव का 14वाँ जन्मदिवस बड़े ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में हर्षोल्लास एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे शिव मंदिर में विधिवत पूजन एवं हवन से हुआ। संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान आचार्य पंडित दीपक जी के मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया, जिसमें वसु श्रीवास्तव ने स्वयं आहुति देकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु, परिजन, मित्र एवं गणमान्य अतिथि वसु को आशीर्वाद देने पहुँचे। उपस्थित अतिथियों में सर्वप्रथम वसु की ताई जी एवं हिंदू महासभा की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. इंदिरा जी ने वसु को उपहार एवं मिठाई देकर आशीर्वाद प्रदान किया। साथ ही अभ्युदय भारद्वाज ने भी अपने छोटे भाई को उपहार देकर स्नेह व्यक्त किया।इसके उपरांत श्री चित्रगुप्त अखाड़ा से पधारे महामंडलेश्वर तरासुत मनु जी महाराज तथा उनके साथ आए अनेक संतों का विशेष स्वागत एवं सम्मान किया गया। सभी संतों ने वसु को आशीर्वाद प्रदान किया।इसके पश्चात अतिथियों में बृजपाल राठी जी, गौरव राठी जी, अमित नागर जी, रणवीर चौधरी जी, उत्तर प्रदेश की पुलिस अधिकारी लक्ष्मी सिंह जी, दिल्ली के प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री राजेंद्र सिंह मुरथलिया जी, फरीदाबाद से नरेश सैनी जी एवं रणविजय जी, दिल्ली चित्रगुप्त अखाड़ा के अध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव जी, गाजियाबाद से अनुरंजन श्रीवास्तव जी, राजेश श्रीवास्तव जी, कैप्टन परवीन सिन्हा जी, मुकेश सिन्हा जी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने वसु को उपहार देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में विश्व विख्यात जादूगर सज्जन अग्रवाल द्वारा जादू कला के आकर्षक प्रदर्शन से सबको अचंभित कर कार्यक्रम मैं और चार चांद लगा दिया स्वामी जी ने प्रसन्न होकर सज्जन अग्रवाल को नोटों की माला पहनाया और उनका स्वागत कर आशीर्वाद दिया है,तथा पवन तिवारी और संतोष भी उपस्थित थे कार्यक्रम में संगीत कार्यक्रम और शेरो शायरी तुकबंदी ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया और सभी ने उत्सव का भरपूर आनंद उठाया।इस अवसर पर स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि बच्चों के जन्मदिन भारतीय सनातन संस्कृति एवं परंपराओं के अनुरूप पूजन, हवन, दीप प्रज्वलन और प्रसाद वितरण के साथ मनाए जाने चाहिए, जिससे बच्चों में संस्कार एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।

समारोह के अंत में सभी अतिथियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसकी संपूर्ण व्यवस्था श्री विकास जैन एवं उनकी टीम द्वारा की गई। कार्यक्रम के समापन पर वसु के पिता विनय श्रीवास्तव जी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

Sahara Jeevan
Author: Sahara Jeevan

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