मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमपीएसपी की समीक्षा बैठक में दिए कई अहम निर्देश
📍 गोरखपुर,
— उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम गोरखनाथ मंदिर सभागार में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने परिषद की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुखों से स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति उसकी पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए।
🏫 शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
सीएम योगी ने कहा कि एमपीएसपी की संस्थाएं सिर्फ शैक्षिक संस्थान नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन की वाहक हैं। उन्होंने सभी संस्थाध्यक्षों से अपील की कि वे लीक से हटकर कार्य करें, नवीन प्रयोग अपनाएं और अनुशासन, समय पालन और नवाचार को अपने कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाएं।
📚 संस्थाओं की भूमिकाएं और प्राथमिकताएं स्पष्ट हों
मुख्यमंत्री ने संस्थानों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने परिसर की स्वच्छता, हरियाली, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
🧑🏫 शिक्षकों की भूमिका को बताया प्रेरणास्रोत
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षकों को अनुशासन, स्वच्छता, पुस्तकालय व्यवस्था आदि जिम्मेदारियों को उत्साहपूर्वक निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था प्रमुख पहले स्वयं अनुशासन और समय पालन का पालन करें, तभी यह संस्था में प्रभावी रूप से लागू होगा।
📖 प्रार्थना सभा, पुस्तकालय और करियर काउंसलिंग पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रार्थना सभा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो सकारात्मकता और आत्मिक विकास को प्रेरित करती है। साथ ही, पुस्तकालयों को समृद्ध और छात्रों की नियमित करियर काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
🏛 2032 में शताब्दी वर्ष को भव्य बनाने की योजना
बैठक में सीएम योगी ने वर्ष **2032 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शत
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





