रायबरेली (बछरावां)।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मंगलवार देर रात ट्रैफिक जाम हटाने पहुंचे दरोगा पर ढाबा संचालक और उसके साथियों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना बछरावां क्षेत्र के नीमटीकर गांव के पास हुई, जब उपनिरीक्षक (SI) जितेश सिंह ट्रैफिक जाम खुलवाने मौके पर पहुंचे थे।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बरसात से पहले हाईवे की मरम्मत का कार्य चल रहा है, जिसके चलते एक ओर से आवागमन बाधित है। इसी दौरान नीमटीकर गांव के पास बाबा ढाबा के सामने सड़क किनारे खड़े ट्रक के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जाम को हटाने पहुंचे SI जितेश सिंह पहले ट्रक ड्राइवर से बात कर रहे थे, लेकिन उसी दौरान ढाबा संचालक रोहित कुमार और उसके साथियों से बहस हो गई।
दरोगा पर किया गया जानलेवा हमला
SI जितेश सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि ढाबा संचालक रोहित कुमार और उसके साथियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पहले गला दबाया और फिर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सभी ने मिलकर उन्हें सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
FIR दर्ज, एक आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। उपनिरीक्षक की तहरीर पर रोहित कुमार, मोहित कुमार (पुत्र अशोक कुमार), बाबुल उर्फ अनुज (पुत्र शिव पलटन), नवनीत (पुत्र चंद्रशेखर), गोलू (पुत्र बबलू) और आकाश (पुत्र उमेश), सभी निवासी नीमटीकर, के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी जीवनचंद्र जोशी ने जानकारी दी कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। इस बीच एक आरोपी बाबुल उर्फ अनुज को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
🔴 हमले की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस तरह कुछ असामाजिक तत्व पुलिस प्रशासन को भी निशाना बनाने से नहीं चूकते।
Author: Harshit Shrivastav
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