चरखारी (महोबा), अभिनय सिंह चंदेल
महोबा जनपद को “हर घर जल योजना” में 80% सफलता के सरकारी दावों के चलते प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। चरखारी क्षेत्र के 90% ग्राम प्रधानों ने इस योजना को सिर्फ़ “आंकड़ों की बाज़ीगरी” करार दिया है।
चरखारी विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत के समक्ष पहुंचे करीब 24 ग्राम प्रधानों में से 22 ने साफ कहा कि उनके गांवों में अब तक नलों से नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों की इस पीड़ा को देखते हुए विधायक ने योजना की समीक्षा कराए जाने की बात कही और इसे पार्टी की छवि धूमिल करने की साजिश भी बताया।
प्रधानों ने उठाई आवाज़, बोले- “कागज़ों में योजना पूरी, ज़मीन पर कुछ नहीं”
ग्राम प्रधानों ने बताया कि “हर घर जल” योजना सिर्फ़ फाइलों में पूरी हुई है, जबकि हकीकत में गांवों के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं। 24 में से सिर्फ़ 2 प्रधान ही ऐसे थे जिन्होंने अपने गांवों में पानी की समुचित आपूर्ति की पुष्टि की।
विधायक ने जताई चिंता, जल शक्ति मंत्री से मिलेंगे
चरखारी विधायक ने कहा कि योजना को पूरी तरह धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने वादा किया कि वह स्वयं जल शक्ति मंत्री से मिलकर योजना की वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत कराएंगे और चरखारी ब्लॉक के ग्राम प्रधानों को भी साथ ले जाकर जमीनी हालात दिखाएंगे।
बुन्देलखंड के लिए अहम है यह योजना
आजादी के बाद पहली बार केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार ने बुन्देलखंड के गांवों को पानी देने की गंभीर पहल की है। लेकिन यदि योजना का क्रियान्वयन सही नहीं हुआ तो यह न सिर्फ जनविश्वास को तोड़ेगा, बल्कि सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े करेगा।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





