लखनऊ, आशियाना |
इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित जनसेवी पहल “बृज की रसोई” ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए रविवार, 8 जून 2025 को ज्येष्ठ माह के प्रदोष व्रत के पावन अवसर पर नि:शुल्क कढ़ी-चावल वितरण का आयोजन किया। यह आयोजन विगत कई वर्षों से हर रविवार को लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में निरंतर किया जा रहा है। संस्था के संस्थापक श्री विपिन शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य ज़रूरतमंदों, निराश्रितों और भूखे लोगों तक ससम्मान पौष्टिक भोजन पहुँचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। मीडिया प्रभारी दीपक भुटियानी ने बताया कि बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए स्वादिष्ट कढ़ी-चावल का वितरण किया गया, जिससे सेवा के साथ-साथ बच्चों के चेहरों पर मुस्कान भी लाई जा सके। संस्था के मार्गदर्शक रामकुमार तिवारी (संयोजक मंगलमान) ने कहा, “प्रदोष व्रत पर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के साथ यह सेवा कार्य धार्मिक आस्था, परोपकार और करुणा को भी सशक्त करता है।”
विकास पाण्डेय के अनुसार, “सेवा और साधना का यह संगम समाज में सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मज़बूत करता है।”
संजय श्रीवास्तव ने अपील की कि यदि कोई व्यक्ति इस सेवा कार्य में योगदान देना चाहता है, तो वह राशन सामग्री या संस्था के QR कोड के माध्यम से आर्थिक रूप से सहयोग कर सकता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक सहायता पहुँचे।
आशीष श्रीवास्तव ने कहा, “आपकी एक छोटी सी भागीदारी किसी भूखे के जीवन में आशा की किरण बन सकती है। यह कोई प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवित मानवीय संवेदना है।”
अथर्व श्रीवास्तव ने बताया कि “इस सेवा से जुड़कर कोई भी व्यक्ति करुणा, सहभागिता और मानवता की ज्योति को प्रज्वलित कर सकता है।”
अनुराग दुबे ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न स्थलों जैसे –सेक्टर-एम स्थित रिक्शा कॉलोनी रतन खंड की झुग्गियाँ अंबेडकर विश्वविद्यालय के समक्ष अस्थायी बस्तियाँ निर्माणाधीन शैक्षिक संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के शिविर
इन सभी स्थानों पर स्वयंसेवकों ने कड़ी धूप के बावजूद निःस्वार्थ भाव से भोजन वितरित किया।
मुकेश कनौजिया ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम में रामकुमार तिवारी, दीपक भुटियानी, संजय श्रीवास्तव, अनुराग दुबे, आशीष श्रीवास्तव, विकास पाण्डेय, नवल सिंह, अथर्व श्रीवास्तव सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर संस्थापक श्री विपिन शर्मा ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं एवं स्वयंसेवकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया और सेवा के इस यज्ञ को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





