अमेठी।
आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, पीने के पानी की उपलब्धता, विद्युत कनेक्शन, शौचालय की सुविधा, ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइसेज, हॉट कुक्ड मील योजना के अंतर्गत गर्म भोजन वितरण तथा वजन/ऊंचाई मापने की मशीनों की उपलब्धता की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कुपोषित एवं अति कुपोषित (रेड श्रेणी) बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पोषाहार की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि रेड श्रेणी के बच्चों की नियमित निगरानी की जाए एवं उन्हें समुचित पोषाहार उपलब्ध कराकर हरी श्रेणी में लाने के प्रयास तेज किए जाएं। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संतोष श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि जनपद की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर समुदाय आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं और लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। बैठक के दौरान डीसी एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला ने बताया कि जनपद में चार टीएचआर (Take Home Ration) प्लांट संचालित हैं, जिनके माध्यम से पोषाहार का उत्पादन कर आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाता है। जिलाधिकारी ने पोषाहार की गुणवत्ता की जांच हेतु रेंडम सैंपलिंग कराकर परीक्षण कराने के निर्देश दिए। सैम श्रेणी के बच्चों की पहचान की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए डीपीओ एवं सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया कि चिन्हांकन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा ऐसे बच्चों को विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी, डीसी एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव सहित समस्त सीडीपीओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper







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