अजमेरा फाउंडेशन संस्थान की तरफ से दी गई इफ्तारी, रोजेदारों ने खोला रोज़ा

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मोहम्मद असलम

लखीमपुर खीरी अजमेरा फाउंडेशन संस्थान के अध्यक्ष मो.अमीर, मो. जावेद व उनकी टीम की तरफ से हाथीपुर उत्तरी के मदरसा इस्लामिया में रोजेदारों को रोजा इफ्तार कराया गया। जिसमें फरमाया गया कि रोजा रखने का असली मतलब सिर्फ भूखे-प्यासे रहना नहीं है बल्कि आंख, कान और जीभ का भी रोजा रखा जाता है। रोजेदारों ने दुआ करते हुए कहा कि हम हमेशा अल्लाह से यह दुआं करते है कि देश का मुसलमान सच्चा इस्लाम समझे क्योंकि वह अभी भटका हुआ हैं और दीन की तरफ से ध्यान हटाया हुआ है।

इस महीने में हम अपने गुनाहों से माफी मांग सकते है और ऐसे समय को हमें गवाना नहीं चाहिए। इस दौरान माह ए रमजान के मुबारक महीने के अवसर पर लोगों को कुरान के प्रति वफादार होना बताया गया,रमजान का मतलब है कि न बुरा देखना है, न बुरा सुनना है और न ही बुरा कहना है। इतना ही नहीं, इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि रोजे दार द्वारा बोली गई जुवान से किसी को दुख ना पहुंचे, इस दौरान रोजेदारों ने देश की सलामती और तरक्की अमन चैन शांति के लिए दुआ की,इस दौरान रोजेदारों ने अपना रोजा खोला और नमाज अता की अजमेर फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष व सदस्य उपस्थित रहे।

Sahara Jeevan
Author: Sahara Jeevan

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