सहारा जीवन न्यूज 
अमेठी । राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा जनपद के जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। जिसमें राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा आम जनमानस की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से उसके निराकरण की माँग की गई है। राष्ट्रवादी पार्टी का कहना है कि किसी एक जनपद में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में छुट्टा जानवरों की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा बिगत 4 जनवरी और 1 फरवरी को मुख्यमंत्री महोदय को ज्ञापन दिया जा चुका है परंतु आम जन मानस को छुट्टा जानवरों से राहत नहीं मिल पा रही है।राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा ज्ञापन के द्वितीय बिंदु में कहा गया है कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार की समस्या बनी हुई है, प्रदेश का शिक्षित वर्ग बेरोजगारी की मार झेल रहा है, जबकि प्रदेश में इन्वेस्टर शिखर सम्मेलन के माध्यम से 40 लाख करोड़ का निवेश किया गया है ।इस संबंध में भी राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा विगत 4 फरवरी को ज्ञापन दिया जा चुका है, इसके अलावा राष्ट्रवादी पार्टी ने अपने तृतीय बिंदु में कहा है कि प्रदेश में बांग्लादेशी घुसपैठियों का सीमावर्ती जनपदों में निवास करना आम जनता के लिए किसी खतरे से कम नहीं है, राष्ट्रवादी पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील की है कि इन घुसपैठियों को चिन्हिंत कर इन पर कार्यवाही की जाए, ज्ञापन के चौथे बिंदु में राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा कहा गया है कि जनपद के विकासखंड क्षेत्र भादर के ग्राम रूपीपुर में आने-जाने के लिए कोई संपर्क मार्ग नहीं है, जिसका सरकार द्वारा निराकरण किया जाए, ज्ञापन के पांचवें बिंदु में राष्ट्रवादी पार्टी का प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड सीमेंट डिवीजन फैक्ट्री को लेकर विकासखंड भादर के आसपास के गांव में प्रदूषण से संबंधित है, राष्ट्रवादी पार्टी का कहना है कि सीमेंट के संचालन से सीमेंट कारखाने के आसपास के गांव रुपीपुर, इस्माइलपुर, झलिहअवां, सिंगठी, रतापुर आदि समीपवर्ती गांवों में सीमेंट फैक्ट्री के प्रदूषण के कारण लोगों मे दमा सांस आदि का रोग तेजी से फैल रहा है, राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रवादी पार्टी द्वारा कहा गया है कि यदि सरकार का ध्यान इन समस्याओं की ओर केंद्रित नहीं होता है तो पार्टी मजबूरन धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।





