अशोक श्रीवास्तव अमेठी ll अमेठी में पुलिस ने रंगदारी और अपहरण जैसी सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए दो अंतर जनपदीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 4 लाख 50 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, एक तमंचा, जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है।
पूरा मामला 10 फरवरी को थाना मुसाफिरखाना क्षेत्र में हुई जब पूरब बिसारा गांव के निवासी और मुसाफिरखाना कस्बे के कबाड़ व्यवसाई रमन कुमार अग्रहरि सुबह करीब 8:30 बजे वे अपने बेटे को धरौली स्कूल छोड़कर वापस लौट रहे थे तभी शुक्ला पेट्रोल पंप के पास सफेद कार सवार चार अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया और कार में जबरदस्ती बैठाकर जान से मारने की धमकी दी गई और बाद में 8 लाख रुपये लेकर छोड़ा गया था। घटना से डरे हुए पीड़ित रमन दो दिन तक तो शांत रहे लेकिन 13 फरवरी को उन्होंने इसकी सूचना थाने पर दी।
चूंकि मामला अपहरण और रंगदारी से जुड़ा था इसलिए इसे गंभीर घटना मानते हुए मुसाफिरखाना पुलिस ने अपने उच्चाधिकारियों को पूरा मामला बताते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया।
एसपी सरवरण टी ने स्थानीय पुलिस और स्वाट टीम को संयुक्त कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल अपहरणकर्ताओं की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उसके बाद दोनों टीमों ने अपने मुखबिरों का जाल फैला दिया और 16 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार को रोका गया। तलाशी के दौरान दो आरोपियों—अनुज प्रताप सिंह उर्फ मुरारी सिंह और घनश्याम पाण्डेय—को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार घनश्याम पाण्डेय के पास से 5 हजार रुपये, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुए, जबकि अनुज प्रताप सिंह के कब्जे से 4 लाख 45 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, एक तमंचा और 315 बोर का जिंदा कारतूस मिला। कार की डिग्गी से एक कूटरचित नंबर प्लेट भी बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने अन्य पांच साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों और पीड़ित एक-दूसरे के परिचित थे, लेकिन मुख्य आरोपी के आपराधिक इतिहास और भय के कारण पीड़ित ने प्रारंभ में नाम उजागर नहीं किए। जांच में यह भी सामने आया कि इसी गैंग ने 28 जनवरी को अयोध्या जनपद के कैंट क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर विभिन्न धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक अमेठी ने पूरी टीम को 15 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि आपसी परिचय और विश्वास का गलत फायदा उठाकर अपराध किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि इस अपहरण के समय इस गैंग के कुल 5 शातिर अपराधी शामिल थे जिसमें से दो अमेठी, एक गोंडा और दो अपराधी बस्ती जिले के हैं और इन सबका एक संगठित गैंग काम करता है। इस घटना में गिरफ्तार किए दोनों आरोपी ही गैंग के सरगना है और बाकी दो आरोपी अयोध्या पुलिस की गिरफ्त में आकर जेल जा चुके हैं, पांचवें आरोपी को भी पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेने का दावा कर रही है। एक बात यहां और आपको बता दें कि गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त महेश सिंह एक शातिर अपराधी है और पीड़ित राम अग्रहरि उसके बारे में अच्छी तरह से जानते भी थे, खास बात ये भी कि दोनों के गांव बगल में ही है इसलिए शुरुआत में पीड़ित रमन अग्रहरि ने महेश के डर से उसका नाम नहीं ले रहा था लेकिन पुलिसिया कार्रवाई के दौरान लगभग 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया तो मुख्य अभियुक्त महेश की पहचान हो पाई थी। एसपी ने कहा कि इनके विरुद्ध गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।





