चरखारी (महोबा),
महोबा जनपद में हाल ही में स्थानांतरित किए गए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राघवेन्द्र सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप माध्यमिक संस्कृत शिक्षक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुखनन्दन मिश्र ने लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चरखारी विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्यवाही की मांग की है।
🔹 मानदेय शिक्षकों से वसूला गया सुविधा शुल्क
डॉ. मिश्र द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, डीआईओएस राघवेन्द्र सिंह पर आरोप है कि उन्होंने महोबा जिले के मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों को मार्च, अप्रैल एवं मई माह का वेतन देने से इनकार कर दिया और इसके एवज में प्रत्येक शिक्षक से सुविधा शुल्क की मांग की। सुविधा शुल्क न देने वाले शिक्षकों का वेतन बिना किसी कारण रोक दिया गया।
🔹 ‘प्रोजेक्ट अलंकार योजना’ में रिश्वतखोरी
शासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अंतर्गत मिलने वाली द्वितीय किश्त को भी जानबूझकर रोका गया। आरोप है कि किश्त जारी करने के बदले श्री गुमान बिहारी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय चरखारी के प्रधानाचार्य से जबरन सुविधा शुल्क लिया गया। वहीं, श्री सीताराम संस्कृत विद्यालय जैतपुर की किश्त की प्रक्रिया में भी अनावश्यक देरी की गई।
🔹 विद्यालय निधियों का दुरुपयोग
अखण्ड इंटर कॉलेज कबरई में प्राधिकार नियंत्रक व्यवस्था का गलत लाभ उठाते हुए डीआईओएस द्वारा प्रधानाचार्य पर दबाव बनाकर विद्यालय निधियों से अवैध धन निकाला गया। इन पैसों से उनके महोबा स्थित राजकीय मुकुंदलाल इंटर कॉलेज में बने आवास पर ऐशोआराम की चीजें जैसे एसी और बैड की खरीद की गई।
🔹 कार्य समय का उल्लंघन और सीसीटीवी साक्ष्य
प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, डीआईओएस कार्यालय में निर्धारित समय (सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक) उपस्थित नहीं रहते थे और देर शाम को कार्यालय आकर संदिग्ध गतिविधियां करते थे। उन्होंने दावा किया कि इसका प्रमाण सीसीटीवी फुटेज से मिल सकता है।
🔹 विधायक ने की कड़ी कार्यवाही की मांग
चरखारी विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है।
Author: Harshit Shrivastav
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