कश्मीर की रेल क्रांति: वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ी उम्मीदों की नई रफ्तार

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🖋️ जया वर्मा सिन्हा
पूर्व सीईओ एवं रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष

🌄 कश्मीर की वादियों में दौड़ी वंदे भारत: एक ऐतिहासिक शुरुआत

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गेंदे के फूलों से सजी यह अल्ट्रा मॉडर्न ट्रेन सिर्फ एक नई सेवा नहीं, बल्कि एक सदी पुराने सपने का साकार रूप है — कश्मीर को भारत के बाकी हिस्सों से रेलमार्ग से जोड़ने का सपना।

🚆 हाई-स्पीड ट्रेन, मजबूत इंजीनियरिंग यह वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन, दिन में दो बार कटरा और श्रीनगर के बीच संचालित हो रही है। तीन घंटे की यह यात्रा अब यात्रियों को छह से सात घंटे के थकाऊ सफर से राहत देती है। अत्याधुनिक सुविधाएं, तेज़ रफ्तार और आरामदायक अनुभव इसे घाटी के लिए गेम-चेंजर बना रहे हैं।

🏗️ चिनाब ब्रिज और USBRL परियोजना: इंजीनियरिंग का चमत्कार

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना देश की सबसे कठिन और ऐतिहासिक परियोजनाओं में से एक रही है:

272 किमी लंबा रेलमार्ग

40 सुरंगें और 900+ पुल

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज – चिनाब ब्रिज (359 मीटर)

भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज – अंजीखाड ब्रिज

11 किमी लंबी टी-80 सुरंग (बनिहाल-काजीगुंड)

ये सभी बाधाएं पार कर भारतीय इंजीनियरों ने बर्फ, भूस्खलन और सुरक्षा जोखिमों के बीच यह असंभव कार्य संभव किया।

🌍 कनेक्टिविटी के साथ बदलती कश्मीर की तस्वीर

वंदे भारत एक्सप्रेस कश्मीर के लोगों के लिए सिर्फ एक यात्रा साधन नहीं, बल्कि भविष्य की नई उम्मीद है। श्रीनगर से कटरा तक की सुगम यात्रा ने न केवल भौगोलिक दूरी कम की है, बल्कि भावनात्मक एकता की ओर भी बड़ा कदम उठाया है।

🛍️ अब कश्मीर के उत्पाद देशभर में

सेब उत्पादकों को मिल रहा नए बाज़ारों तक सीधा रास्ता

स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को बेहतर व्यापार अवसर

छात्रों के लिए विश्वविद्यालयों तक पहुंच आसान

🗣️ लोगों की जुबानी

“जहां पहले चेकपॉइंट होते थे और काफी देरी होती थी, वहां अब ट्रेन की आवाज़ गूंज रही है। ऐसा लगता है कि अब हम देश के बाकी हिस्सों के साथ चल रहे हैं।”
— श्रीनगर के एक युवा दुकानदार की प्रतिक्रिया

💡 निष्कर्ष: एक नई यात्रा की शुरुआत

यह रेल लिंक न केवल आर्थिक प्रगति को बल देगा, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक एकीकरण को भी गति देगा। हालांकि सुरक्षा और ऐतिहासिक संदर्भों की चुनौतियां बनी रहेंगी, परंतु वंदे भारत एक्सप्रेस एक नए युग की शुरुआत है – उम्मीदों की, विकास की और एकता की।

Harshit Shrivastav
Author: Harshit Shrivastav

Sahara jeevan newspaper

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