रायबरेली—
अंतरराष्ट्रीय बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर रायबरेली जनपद में बालश्रम के विरुद्ध एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक रायबरेली के आदेश पर तथा पुलिस उपाधीक्षक एवं नोडल अधिकारी रायबरेली के निर्देशन में संचालित किया गया।
संयुक्त टीम ने बछरावां में किया जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के अंतर्गत थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) रायबरेली की ओर से उपनिरीक्षक श्री राशिद खान, महिला हेड कांस्टेबल श्रीमती संगीता मिश्रा, कांस्टेबल श्री रविन्द्र कुमार, बाल कल्याण समिति (CWC) से श्री मिलिंद द्विवेदी और श्रम विभाग से सहायक श्रमायुक्त श्री आर.एल. स्वर्णकार, श्री राकेश कुमार पाल एवं श्री मान सिंह कुशवाहा की संयुक्त टीम ने विशाखा इंडस्ट्री, बछरावां का दौरा किया।
टीम ने इंडस्ट्री के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बालश्रम निषेध कानून, बच्चों के अधिकारों और सामाजिक दायित्वों के बारे में जागरूक किया। साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बालश्रम की रोकथाम और इससे संबंधित कानूनों की जानकारी दी गई।
कानूनी जानकारी और समाज की भूमिका पर जोर
टीम द्वारा बताया गया कि भारत में बालश्रम निषेध अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना अपराध है। इस कानून का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है। बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस मौके पर जनता से अपील की गई कि यदि कहीं भी बालश्रम होता हुआ दिखे, तो तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





