लखनऊ।
समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित बृज की रसोई ने मासिक शिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को एक बार फिर जरूरतमंदों की सेवा की। संस्था ने आशियाना क्षेत्र में लगभग 1200 अकिंचन, निराश्रित, असहाय, विक्षिप्त बच्चों और बुजुर्गों को निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया। इस अवसर पर उन्हें कढ़ी-चावल परोसे गए। संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने बताया कि बृज की रसोई प्रत्येक रविवार को सेवा का यह कार्य करती है, लेकिन मासिक शिवरात्रि जैसे विशेष अवसर पर इसका धार्मिक और सामाजिक महत्व और भी अधिक हो जाता है। उन्होंने कहा, “शिवरात्रि पर उपवास रखना, शिवलिंग पर जल अर्पित करना और ज़रूरतमंदों को भोजन कराना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में समानता और सहानुभूति का संदेश भी देता है। मीडिया प्रभारी दीपक भुटियानी ने बताया इस आयोजन में संस्था के स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने व्यवस्था बनाए रखने से लेकर भोजन वितरण तक पूरी तत्परता से सेवा की। आशीष श्रीवास्तव ने बताते हैं कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्यों को जारी रखेगी और अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुँचाने का प्रयास करेगी।अनुराग दुवे ने बताया बृज की रसोई का यह प्रयास न सिर्फ धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, बल्कि यह समाज में मानवता, सेवा और समर्पण का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
विकास पाण्डेय ने जानकारी दी कि इस बार का भोजन वितरण सेक्टर-एम. की रिक्शा कॉलोनी, रतन खंड पानी टंकी के पास झुग्गियों, अम्बेडकर यूनिवर्सिटी के सामने झुग्गियों में, निर्माणाधीन स्कूल के मज़दूरों और जोन-8 के पास बसी झुग्गियों में किया गया। संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस अवसर पर अनेक स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में विशेष रूप से दीपक भुटियानी, संजय श्रीवास्तव, दिनेश पाण्डेय, अमित गुप्ता, आशीष श्रीवास्तव, विकास पाण्डेय, अनुराग दुवे, मुकेश कनौजिया, नबल सिंह, अथर्व श्रीवास्तवऔर शिल्पी गुप्ता उल्लेखनीय रूप से सक्रिय रहे। अमित गुप्ता से हुई वार्ता में उन्होंने बताया कार्यक्रम के समापन पर संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों एवं समाजसेवियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
Author: Harshit Shrivastav
Sahara jeevan newspaper





