रिपोर्टर: मोहम्मद असलम लखीमपुर खीरी।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद में नाइट ब्लड सर्वे अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के 10 ब्लॉकों से आए प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ, सहायक, मलेरिया एवं फाइलेरिया स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया एक परजीवी रोग है, जो बाउचेरिया ब्रैन्कोफ्टाई और बी. मलाई नामक कीटाणुओं से होता है। यह बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है। जब यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति का खून चूसकर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो संक्रमण फैल जाता है। यह रोग शरीर के लटकने वाले अंगों जैसे पैर, अंडकोष आदि को प्रभावित करता है, जिससे हाथीपांव या हाइड्रोसील जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने जानकारी दी कि नाइट ब्लड सर्वे 2 जून से 7 जून तक रात्रि 10 बजे से किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में दो गांव चुने गए हैं, जहां दो टीमें रात में लोगों के रक्त सैंपल लेकर फाइलेरिया की जांच करेंगी। माइको फाइलेरिया रात में सक्रिय होता है, इसलिए जांच रात में ही की जाएगी।
हर ब्लॉक में दो प्रकार की साइट चुनी गई हैं – एक ‘सेंटिनल साइट’ जहां पहले अधिक मरीज मिले हैं, और दूसरी ‘रैंडम साइट’ जहां जोखिम अधिक है। प्रत्येक साइट पर 300 और हर ब्लॉक में कुल 600 रक्त पट्टिकाएं तैयार की जाएंगी। पूरे जिले में 6000 स्लाइड बनाई जाएंगी। इनकी निगरानी जिला स्तरीय टीम और सहयोगी संस्थाएं करेंगी।
सीएमओ ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। सर्वे के दौरान 20 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों और महिलाओं के रक्त सैंपल लिए जाएंगे। जिनमें माइको फाइलेरिया के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत उपचार प्रदान किया जाएगा, ताकि जिले को इस रोग से मुक्त किया जा सके।
इस दौरान जिला मलेरिया कार्यालय में तैनात लैब टेक्नीशियन हेमंत गुप्ता ने स्लाइड बनाने की विधि का डेमो प्रस्तुत किया। कार्यशाला में वीबीडी स्टाफ और पाथ संस्था की प्रतिनिधि अनामिका राठौर भी उपस्थित रहीं।
Author: Harshit Shrivastav
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