अन्तःकरण की शुद्धता के लिए प्रभु की आराधना जरूरी-शांडिल्य जी

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लालगंज प्रतापगढ़। सांगीपुर के जूही शुकुलपुर गांव में हो रही श्रीमदभागवत कथा में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी दिखी। कथाव्यास आचार्य सुभाष शांडिल्य जी ने कहा कि श्रीमदभागवत मानव जीवन में अन्तःकरण की शुद्धता प्रदान किया करता है। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी समस्त लीलाओं में संसार को मानवता के प्रति सजग और समर्पित रहने की प्रेरणा दी है। उन्होनें भक्त प्रहलाद, ध्रुव व अजामिल तथा भगवान नरसिंह से जुड़े प्रसंगों की मार्मिक व्याख्या करते हुए कहा कि निष्ठा से ईश्वर के प्रति समर्पण ही भक्ति है। उन्होनंे कहा कि जब जब धरती पर अधर्मियों का अत्याचार बढ़ा तब तब श्रीहरि ने धरा पर अवतार लेकर भक्ति और धर्म की रक्षा की। उन्होनें कहा कि सदाचारी मनुष्य को ईश्वर की कृपा अनवरत प्राप्त हुआ करती है। कथा के दौरान भजन व संकीर्तन में भी श्रद्धालुओं को आस्था के गोते लगाते देखा गया। कथा के संयोजक सतीशचंद्र शुक्ल व मनीष कुमार शुक्ल ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। इस मौके पर फूलचंद्र पाण्डेय, पं. जगदम्बा प्रसाद त्रिपाठी मनीषी, पं. कैलाशपति मिश्र, डा. केके मिश्र, लालजी शुक्ल, डॉ. प्रशान्त शुक्ल, संजय शुक्ल, विवेक शुक्ल, अरविंद मिश्र, देव नारायण मिश्र, डॉ. अमिताभ शुक्ल, पवन मिश्र प्रखर, अजीत मिश्र, रामबोध शुक्ल, योगेन्द्र पाण्डेय, अजय शुक्ल, जयप्रकाश पाण्डेय, स्वामीनाथ पाण्डेय, अवधेश शुक्ल, सुरेश मिश्र, राजू पयासी, गौतम मिश्र, रामचंद्र पाण्डेय आदि रहे।

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